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देश के दिल दिल्ली को मिला दिल्ली गान

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पको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि दिलवालों की दिल्ली को अपना गीत (दिल्ली एंथम) मिल गया है। दिल्ली गान के रचयिता हैं सुमित प्रताप सिंह। इटावा में जन्मे सुमित प्रताप सिंह का पैतृक गाँव लालपुरा है।  स्वर्गीय श्री महाराज सिंह तोमर के पोते, श्री सुरेश सिंह तोमर व श्रीमति शोभना तोमर के सुपुत्र ने यह इतिहास रचा है।  इनकी ननिहाल मूसेपुरा, इटावा में है ।  इनके नाना का नाम श्री विश्वनाथ सिंह चौहान है ।  सुमित प्रताप सिंह दिल्ली में ही पढ़े-लिखे ।  इन्होंने इतिहास में बी.ए.भगत सिंह कॉलेज से किया व दिल्ली पुलिस में भर्ती हो गये ।  इन्हें बचपन से ही लेखन का शौक है तथा इन्हें युवा हास्य कवि पुरस्कार, प्रहरी अवार्ड व व्यंग्य सम्राट जैसे अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं ।  यह करीब चार साल से सुमित के तड़के नाम से ब्लॉग लिख रहे हैं ।  सुमित प्रताप सिंह का गीत दिल्ली गान बन गया है।  बीते रविवार (दिनांक-18.03.12) को दिल्ली के साकेत डीएलफ मॉल में मेरा शहर मेरा गीतकी सीडी लांच करके दिल्‍ली की मेयर रजनी अब्‍बी ने इस पर अपनी मोहर लगा दी है और इस गीत की प्रशंसा में अपना वक्‍तव्‍य देकर माननीया मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित ने इस गीत को अक्‍टूबर,2010 में आयोजित राष्‍ट्रमंडल खेल के दौरान जारी किए गए मेरी दिल्‍ली मेरी शानगीत से बेहतर बतलाया है। दिल्ली गान को स्वर व गीत से सुसज्जित करने वाले आदेश श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान सुमित प्रताप सिंह की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा सुमित प्रताप सिंह ने भी  उनके गीत को अपनी आवाज व संगीत देकर इतना मधुर बनाने के लिए आदेश श्रीवास्तव को धन्यवाद दिया।

प्रस्तुति- संगीता सिंह तोमर
सचित्र रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें http://www.sumitpratapsingh.com/2012/03/blog-post_20.html पर

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